मानसून के मौसम में भी ट्रैवलिंग का अपना अलग मजा होता है। बारिश के फुहारों के बीच हरियाली खूब लुभाती है। खासकर, पहाड़ी क्षेत्रों में यह काफी आकर्षित करने वाला होता है। इसीलिए प्रकृति का लुत्फ उठाने वाले लोग खासतौर पर मानसून के सीजन को ट्रैवलिंग के लिए चुनते हैं। वैसे तो भारत के अंदर इस तरह के पिकनिक स्पॉट बहुत सारे हैं, लेकिन भारत के उत्तरी हिस्से को इसके लिए अधिक तब्बजो दी जाती है, क्योंकि यह क्षेत्र नैसर्गिक खुबसूरती के लिए खूब जाना जाता है। मानसून के दौरान तो इन स्पॉट्स की खुबसूरती और भी बढ़ जाती है। ऐसे ही कुछ स्पॉट्स बारे में जानें।
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| कौसानी से दिखने वाला हिमालय का खूबसूरत नज़ारा |
कौसानी
उत्तराखंड के बागेश्वर जिले के अंतर्गत आने वाला कौसनी के बारे में कौन नहीं जानता है। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने भी यहां काफी समय बिताया था। उन्होंने कौसानी को भारत का स्विट्जरलैंड कहा था। तब से कौसानी इस नाम से भी प्रसिद्ध है। मानसून के सीजन में यहां घूमने की बात करें तो यह काफी उपयोगी स्पॉट है। यहां मानसून के सीजन में औसतन तापमान 10-25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहता है, जो ठंड का भी अहसास कराता है। यहां के आकर्षण के केंद्रों की बात करें तो यहां का गांधी आश्रम काफी प्रसिद्ध है। इसके अलावा रुद्रधारी फॉल्स और गुफा, चाय के बागान, अनास्कित आश्रम के अलावा यहां और भी कई जगह हैं, जो देखने लायक हैं। कौसानी सड़क मार्ग के अलावा हवाई और रेलवे मार्ग से भी जुड़ा हुआ है, लेकिन हवाई और रेलवे मार्ग से यह कुछ किलोमीटर की दूरी पर पड़ेगा, लेकिन सड़क मार्ग से पहुंचना आसान होगा। हवाई अड्डे की बात करें तो वह पंतनगर है। पंतनगर और कौसानी के बीच की दूरी करीब 177 किलोमीटर है, जबकि रेल मार्ग की बात की जाए तो काठगोदाम सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन है। यहां से भी सड़क मार्ग के माध्यम से ही कौसानी पहुंचा जा सकता है।
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| रानीखेत का खुबसूरत दृश्य |
रानीखेत
उत्तराखंड में ही एक और जगह है, जिसे मानसून के सीजन में पिकनिक स्पॉट के लिए चुना जा सकता है। यह जगह है रानीख्ोत। यहां अद्भूत प्राकृतिक सुंदरता देखने को मिलेगी। खुबसूरत घाटियां बरबस ही अपनी तरफ खींचने लगेंगी। देवदार के खुबसूरत व आसमान छूते पेड़ यहां के सौंदर्य में चार चांद लगाने में कोई कसर नहीं छोड़ते हैं। यहां तापमान इतना कम रहता है कि लोग समझेंगे कि यहां सर्दी का सीजन है। मानसून के दौरान सामान्य रूप से तापमान यहां कौसानी से कम रहता है, जो 5-10 डिग्री सेल्सियस के आसपास होता है। यहां देखने के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र गोल्फ मैदान, झूला देवी मंदिर, चौबटिया ऑर्चड्स व भालू बांध आदि हैं। प्राकृतिक छटा का आनंद तो आप उठा ही सकते हैं। यहां तक पहुंचने की बात करें तो हवाई, रेलवे व सड़क मार्ग के माध्मम से पहुंचा जा सकता है। पंतनगर सबसे नजदीकी हवाई अड्डा है, जबकि काठगोदाम सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन। पंतनगर से रानीख्ोत की दूरी लगभग 110 किलोमीटर है। उत्तराखंड में इसके अलावा नैनीताल, भीमताल, रामनगर, अल्मोड़ा, जागेश्वर आदि भी ऐसी जगहें हैं, जिन्हें मानसून के सीजन में घूमने के लिए चुना जा सकता है।
उदयपुर
उदयपुर
राजस्थान में स्थित उदयपुर भी अपनी खूबसूरती के लिए खूब प्रसिद्ध है। मानसून के सीजन में उदयपुर को भी एक पिकनिक स्पॉट के रूप में चुना जा सकता है। राजपूतों की राजधानी रहने की वजह से उदयपुर में कई दर्शनीय कलात्मक भवनों का निर्माण हुआ है। उदयपुर इसी के लिए पहचाना भी जाता है। खास बात यह है कि इन भवनों की खुबसूरती मानसून के सीजन में और भी बढ़ जाती है। इसके अलावा यहां अन्य आकर्षण के केंद्रों में सीटी पैलेस, पिछोला झील, मानसून महल, फतेह सागर झील, गुलाब बाग आदि शामिल हैं। मानसून के सीजन में यहां तापमान भी सामान्य रहता है, जो 18-20 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहता है। यहां पहुंचने की बात करें तो महाराणा प्रताप हवाई अड्डा उदयपुर से सबसे नजदीक है। इसीलिए हवाई यात्रा के माध्यम से भी यहां पहुंचा जा सकता है। रेल मार्ग की बात करें तो उदयपुर खुद रेलवे स्टेशन है, जो देश के मुख्य शहरों को स्वयं से जोड़ता है। सड़क मार्ग से भी यहां पहुंचा जा सकता है।
पहलगाम
पहलगाम
पहलगाम जम्मू-कश्मीर का सबसे खुबसूरत हिस्सा है। यह समुद्र तल से 7200 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। पहलगाम उत्तर भारत के उन पिकनिक स्पॉट में शुमार है, जहां मानसून के सीजन का भरपूर लुत्फ उठाया जा सकता है। मानसून के सीजन में यहां तापमान सामान्य ही रहता है, जो 16 से 17 डिग्री सेल्सियस के बीच होता है। यहां देखने वाली जगहों में शेषनाग झील, बैसारन पहाड़ी, कोलाहोई ग्लेशियर व लीडर एम्युस्मेंट पार्क मुख्य रूप से शामिल हैं। श्रीनगर सबसे नजदीकी हवाई अड्डा है। यहां से पहलगाम की दूरी करीब 95 किलोमीटर है। वहीं, जम्मू-कश्मीर रेलवे स्टेशन से पहलगाम की दूरी लगभग 255 किलोमीटर है।
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| पहलगाम कश्मीर का रमणीय नज़ारा |
दार्जिलिंग
दार्जिलिंग का नाम जेहन में आते ही असीम प्राकृतिक खुबसूरती जेहन में उतर आती है। इसके अलावा खूबसूरत चाय बागानों की तस्वीर भी मन में कौंधने लगती है। दार्जिलिंग है भी प्रसिद्ध चाय के बागानों के लिए ही। यहां से कंचनजंघा पहाड़ियों का जो दृश्य दिखता है, वह अपने-आप में काफी रमणीय होता है। इसीलिए मानसून के सीजन के लिए भी दार्जिलिंग को काफी उपयुक्त जगह माना जाता है। यहां मानसून के सीजन में तापमान औसत 15 से 20 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहता है। यहां के आकर्षण के केंद्रों की बात की जाए तो इनमें मुख्य रूप से रॉक गॉर्डन, टेंजिंग रॉक, बतासिया लूप, पीस पैगोडा, टाइगर हिल, जापानी मंदिर व मिरिक झील मुख्य रूप से शामिल हैं। यहां पहुंचने की बात की जाए तो हवाई यात्रा के तहत बागडोगरा हवाई अड्डा सबसे नजदीक है, जहां से दार्जिलिंग की दूरी लगभग 95 किलोमीटर है, जबकि दार्जिलिंग स्वयं में रेलवे स्टेशन भी है।
करजात
करजात महाराष्ट्र में स्थित है। यह जगह वीकेंड की छुट्टियां मनाने के लिए मशहूर है। खासकर, मानसून के सीजन के लिए तो यह बेहद उपयुक्त जगह है। यह जगह उल्हास नदी के किनारे स्थित है। यहां वॉटरफॉलिंग पर्यटकों को खूब आकर्षित करता है। मानसून के सीजन में यहां तापमान 20 से 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास ही रहता है। यहां देखने वाली जगहों की बात करें तो कोंदना गुफा यहां मशहूर है। वहीं, सीढ़ियों के सहारे भीमाशंकर की यात्रा का भी लुत्फ यहां उठाया जा सकता है। इसके अलावा पेथ फोर्ट कोठालीगाड, चंदेरी गुफा व भीवपुरी जलप्रपात आदि भी पर्यटकों को खुब लुभाने वाली चीजें हैं। अगर, आप हवाई यात्रा के माध्यम से यहां जाने की सोचेंगे तो छत्रपति शिवाजी हवाई अड्डे पर उतरना होगा। यहां से करजात की दूरी करीब 90 किलोमीटर है। वहीं, रेलवे स्टेशन की बात करें तो करजात स्वयं में रेलवे स्टेशन है।
चेरापूंजी
चेरापूंजी
सभी जानते हैं कि चेरापूंजी में सबसे अधिक बारिश होती है। खासकर, यह जगह मानसूनी बारिश के लिए तो दुनिया भर में मशहूर है। यह जगह पर्यटकों को भी खूब लुभाती है। मानसून के दौरान तो यहां की खुबसूरती देखने लायक होती है। मानसून के सीजन के दौरान यहां तापमान बहुत कम रहता है, जो 12 से 16 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है। यहां घूमने व देखने लायक बहुत-सी जगहे हैं। खासकर, यहां के आकर्षण के केंद्रों की बात करें तो सेवन जलप्रपात, नोहकलिकाइ फॉल्स, माव्स्माई गुफा, रूट पुल व खासी हिल्स मुख्य रूप से शामिल हैं। यहां गुवाहटी सबसे नजदीकी एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशन है। यहां से चेरापूंजी की दूरी करीब 181 किलोमीटर है। मानसून में यात्रा को बनाएं आसान
मानसून के सीजन में जहां प्रकृति खूबसूरत रूप धारण कर लेती है, वहीं अगर, आप इस सीजन में पिकनिक का मन बना रहे हैं तो इसमें सावधानी बरतना भी जरूरी हो जाता है। ऐसी स्थिति में अगर, बेहतर प्लानिंग की जाएगी तो निश्चित ही मानसून के सीजन में पिकनिक का भरपूर लुत्फ उठाया जा सकता है।
पहले से करवा लें बुकिंग
मानसून के सीजन में अगर, आप ट्रैवेलिंग का प्लॉन कर रहे हैं तो रहने इत्यादि की बुकिंग पहले से करवा लें, जिससे किसी परेशानी व खोजबीन के आप ठहरने वाली जगह पहुंच सकें। इसके अतिरिक्त रेलवे, बस या हवाई जहाज आदि के टिकट भी समय से बुक करा लें, जिससे ऐन वक्त पर किसी प्रकार की दिक्कत का सामना न करना पड़े। वहीं, गूगल के माध्यम से इस बात का पता जरूर लगा लें कि आप जिस लोकेशन पर जा रहे हैं, वहां किस-किस प्रकार की सुविधाएं हैं। ऑफ सीजन होने के चलते कई चीजें में ऑफर व डिस्काउंट आदि की भी सुविधाएं रहती हैं, लिहाजा इन चीजों का पता लगा लें, जिससे आप इस तरह के विकल्पों को आसानी से चुन सकें।ऑनलाइन सुविधाओं का उठाएं लाभ
आज के दौर में ऑनलाइन सुविधा के माध्यम से आप सारी चीजों को सॉल्व कर सकते हैं। मौके पर पहुंचने के बाद अगर आप एजेंट आदि की मदद नहीं लेना चाहते हैं तो इस स्थिति में आप ओयो रूम व अन्य रूम बुकिंग ऐप की मदद ले सकते हैं। इससे यह होगा कि आपको विकल्प आसानी से उपलब्ध हो जाएंगे। ओयो बुकिंग की बात करें तो आपको पहली बुकिंग डिस्काउंट इत्यादि में मिल जाएगी। सुविधा के मामले में भी ओयो बुकिंग आपके लिए काफी किफायती साबित हो सकती है।
पब्लिक ट्रांसपोर्ट का करें प्रयोग
मानसून के सीजन में पब्लिक ट्रांसपोर्ट को अधिक किफायती माना जाता है। हायर की गई कैब, बाइक इत्यादि अधिक महंगी पडेंगी। वहीं, रास्तों का पता नहीं होने की वजह से दिक्कतें आती हैं, जबकि पब्लिक ट्रांसपोर्ट के साथ इस तरह की दिक्कतें नहीं आती हैं। कोशिश पब्लिक ट्रांसपोर्ट के इस्तेमाल की होनी चाहिए।
ध्यान में रखें ये टिप्स
- कितने दिनों के लिए घूमने जा रहे हैं, इस बात को पहले ही तय कर लें।
- किसके साथ घूमने जा रहे हैं और घूमने के साथ-साथ अन्य क्या प्लानिंग है, इसकी योजना पहले से तय होनी चाहिए।
- घूमने कब जाना है और इसके लिए आपको स्वयं की कार व अन्य वाहन इस्तेमाल करना है या फिर हायर किए गए वाहन व पब्लिक ट्रांसपोर्ट का। इस बात की प्लानिंग पहले से फिक्स होनी चाहिए।
- जिस पिकनिक स्पॉट पर आप घूमने जा रहे हैं, उस स्पॉट के बारे में पहले से पूरी तरह पता लगा लें, इससे वहां पहुंचने के बाद आसानी होगी। मानसून वाला सीजन बारिश वाला होता है, इसीलिए सारी चीजें पहले से फिक्स होनी चाहिए।
- कहां रुकेंगे, किन-किन जगहों को घूमने के लिए चुनेंगे, इसका खाका पहले से तय होना चाहिए।
- घूमते वक्त ऑफिस के कार्यों से स्वयं को दूर रखें, जिससे आप तनावमुक्त होकर ट्रैवलिंग को मजा ले सकें।
- कैश, डिबेट व के्रडिट को पूरी तरह चेक कर लें कि वह आपने अपने पास रखा है या नहीं। ये चीजें बाहर जाने पर सबसे अधिक जरूरी होती हैं।
- कैश व अन्य डॉक्यूमेंट्स को संभाल कर रखें, क्योंकि बारिश के सीजन में भीगने आदि का खतरा बना रहता है।



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